Introduction of fitter

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Introduction of Fitter

विभिन्न प्रकार के मशीनों के parts बनाने के लिए अलग-अलग कारीगरों द्वारा प्रायः Lathe, Drilling, Grinding, Shaper, Sloter, Planer आदि मशीनों का प्रयोग किया जाता है। एक ही पर्ट पर विभिन्न प्रकार के ऑपरेशंस करनी होती है, जिन्हें अलग-अलग मशीनों पर लगे हुए कारीगरों द्वारा तैयार किया जाता है। किसी मशीन और डिवाइस के सभी पार्ट्स बनकर तैयार हो जाते हैं तब मशीन और डिवाइस के सभी पार्ट्स को एक कारीगर के पास भेज दिया जाता है, तत्पश्चात कारीगर उस सभी पार्ट्स को अच्छी तरह से आवश्यकतानुसार हैंड ऑपरेशंस करके shape, size and Accuracy मैं चेक करके मशीन और डिवाइस का रूप देता है या फिट करता है, उसे फिटर कहते हैं। यह क्रिया फिटिंग कहलाती है। अथवा किसी मशीन और डिवाइस के दो या दो से अधिक पार्ट्स को आवश्यकता अनुसार कुछ हैंड ऑपरेशंस करके फिट करता है, फिटर कहलाता है। यह ऑपरेशंस फिटिंग कहलाती है।

Full form of Fitter.

  • F :- Fitness शारीरिक रूप से सुदृढ़ या दुरुस्त या स्वस्थ होना।
  • I :- Intelligent मानसिक रूप से बुद्धिमान।
  • T :- Target लक्ष्य को पाने का इच्छुक।
  • T :- Talented कार्य सीखने की योग्यता।
  • E :- Efficiency कार्य करने की क्षमता या दक्षता या कुशलता।
  • R :- Regularly नियमित रूप से।

कार्य के अनुसार फिटर विभिन्न प्रकार के होते हैं।

Bench Fitter :- ITI में फिटर ट्रेड के अधिकतर कोर्स और सिलेबस बेंच फिटर के होते हैं। यह एक मौलिक फिटर है जो हर तरह के बेसिक जानकारी रखता है और अन्य फिटर का भी कार्य सुचारू रूप से कर सकता है। बेंच फिटर लगभग 75% कार्य हैंड टूल्स की सहायता से बेंच पर और 25% कार्य मशीनों पर करता है। बेंच फिटर का अधिक कार्य फाइल से होता है, अतः एक बेंच फिटर को फाइल एवं फाइलिंग मेथड का अधिक ज्ञान होना चाहिए, ताकि एक कुशल फिटर बन सके। सही फिटर ही सही Allowance रखकर सही फिटिंग कर सकता है। साथ ही साथ Measuring, Marking, Filing, Hacksawing, Scraping, Drilling, Reaming, Tapping, Chipping, Welding, Reveting, Soldering, Forging आदि ऑपरेशंस का ज्ञान होना चाहिए।

Pipe Fitter :- घरों में पानी की पाइप लाइन, गैस पाइप लाइन, अन्य पाइप लाइन का कार्य व उनकी मरम्मत आदि करना पलंबर या पाइप फिटर कहलाता है।

Machine Fitter :- किसी भी मशीन के अलग-अलग पार्ट्स को जो एक साथ जोड़ता है उसे मशीन फिटर और असेंबली फिटर कहते हैं।

Fabrication fitter :- धातु की दो या दो से अधिक चादरों को रिवेटिंग जोड़ों द्वारा जो निर्माण करता है वह फेब्रिकेशन फिटर कहलाता है।

maintenance fitter :- बंद पड़ी मशीनों को पुनः चालू करना मेंटेनेंस कहलाता है और उस कार्य की मरम्मत करने वाला मेंटेनेंस फिटर कहलाता है।

Die fitter :- वस्तु के size and Accurency के अनुसार die का निर्माण किया जाता है। Die के द्वारा कम समय में अधिक उत्पादन तैयार किया जाता है। Die का निर्माण व उसकी मरम्मत और रखरखाव करने वाले को Die Fitter कहते हैं

जितने भी फिटर के महत्वपूर्ण प्रकार थे यहां पर बता दिए गए हैं। इन सभी फिटरो के प्रकारों की मार्केट में अधिक मांग है क्योंकि किसी भी कंपनी में इन सभी फिटरो का अधिक मांग होता है। क्योंकि वहां पर मशीनें ज्यादा होती है और काम ज्यादा होने के कारण वहां पर मशीनों में टूट-फूट आते रहता है जिसका मरम्मत करने के लिए मेंटिनेस फिटर का होना जरूरी है। इसी तरह अनेक कार्यों में ऊपर बताए गए फिटर के प्रकारों का मांग बहुत ही अधिक होता है। अगर आप फिटर का पढ़ाई अधिक पैसा कमाने के लिए कर रहे हैं तो आपको मेंटेनेंस फिटर का पढ़ाई करना चाहिए इसमें पैसे खर्च ज्यादा होते हैं लेकिन इसका मांग प्रत्येक कंपनी में होता है। क्योंकि प्रत्येक कंपनी में मशीनें होती ही है और अधिक काम होने से मशीन में टूट-फूट होना संभावित है। इसके अलावा भी फिटर के जो प्रकार हैं वह भी अपने जगह पर महत्वपूर्ण है।

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